दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश को घेरा, बोले- पीडीए मतलब ‘परमानेंटली डिवाइडेड अलायंस’

उत्तर प्रदेश राज्य

'जाति का जहर घोलने निकले हैं अखिलेश, 100 यात्राएं भी नहीं बचा पाएंगी सपा को': अनिल राजभर

पीडीए रथ यात्रा पूरी तरह फर्जी, दलित और मजदूर वर्ग सपा के असली चेहरे से परिचिति: अनिल राजभर

दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश को घेरा, बोले- पीडीए मतलब 'परमानेंटली डिवाइडेड अलायंस'

लखनऊ
 समाजवादी पार्टी की पीडीए रथ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हर मोर्चे पर विफल होने के बाद अब जाति का जहर घोलने की राजनीति कर रही है, लेकिन उसे इसमें कोई सफलता मिलने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा चाहे एक यात्रा निकाले या 100 यात्राएं, जनता अब उसके बहकावे में आने वाली नहीं है।

पीडीए रथ यात्रा पूरी तरह फर्जी

अनिल राजभर ने कहा कि पीडीए रथ यात्रा पूरी तरह फर्जी यात्रा है। उत्तर प्रदेश का पिछड़ा, दलित, कमजोर और मजदूर वर्ग समाजवादी पार्टी के असली चेहरे से भलीभांति परिचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सपा सत्ता में रहती है तो उसे गरीबों की याद नहीं आती और पूरा सैफई परिवार प्रदेश की गाढ़ी कमाई को लूटने में लगा रहता है। आज वही लोग चोला बदलकर पिछड़ों और दलितों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जनता सब समझती है।

पीडीए की परिभाषा तय करे सपा

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पहले पीडीए की परिभाषा ही तय कर ले। पार्टी के नेता खुद ही पीडीए को लेकर भ्रमित हैं और रोज इसकी नई परिभाषा बताते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीतिक तिकड़मों से कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। चुनाव आने पर समाजवादी पार्टी का कहीं नामोनिशान नहीं दिखाई देगा।

इस दौरान नए वोटर फॉर्म में सर्विलांस से जुड़ी जानकारी जोड़े जाने और दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के सवाल पर अनिल राजभर ने कहा कि हाल में सामने आए घटनाक्रम से स्पष्ट है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हुई है। चुनाव आयोग किसी भी विषय पर नियमों और परंपराओं के अनुसार आपसी राय-मशविरा और विस्तृत विचार-विमर्श के बाद ही निर्णय लेता है। अलग-अलग राय लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा होती है।

स्वर्गीय कल्याण सिंह के परिवार से कब मिलेंगे अखिलेश?

वहीं, भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने भी अखिलेश यादव और उनकी पीडीए राजनीति पर निशाना साधा। रायबरेली में सपा विधायक राहुल लोधी के आवास पर अखिलेश यादव के प्रस्तावित दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपने नेताओं के घर जरूर जाना चाहिए, लेकिन उन्हें यह भी बताना चाहिए कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय कल्याण सिंह के परिवार के पास वे आज तक क्यों नहीं गए।

दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि एक मुख्यमंत्री को दूसरे मुख्यमंत्री के परिवार के प्रति शिष्टाचार और संवेदना दिखानी चाहिए थी। यदि अखिलेश यादव कल्याण सिंह के परिवार के पास जाकर श्रद्धांजलि और संवेदना व्यक्त करते, तो यह राजनीतिक नहीं बल्कि मानवीय और संवैधानिक मर्यादा का परिचय होता। उन्होंने कहा कि अब जब वे लोध समाज के बीच जा रहे हैं तो उन्हें अपने पुराने व्यवहार का भी जवाब देना चाहिए।

पीडीए मतलब परमानेंटली डिवाइडेड अलायंस

पीडीए रथ यात्रा पर हमला बोलते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पीडीए का वास्तविक अर्थ 'परमानेंटली डिवाइडेड अलायंस' है। उन्होंने दावा किया कि आज न पिछड़ा समाज, न दलित समाज और न ही अल्पसंख्यक समाज समाजवादी पार्टी के साथ है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा समाज पूरी मजबूती के साथ एनडीए के साथ खड़ा है।

दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में ऐसे पोस्टर और बैनर लगाए जा रहे हैं जिनमें अखिलेश यादव से पूछा जा रहा है कि दलितों पर अत्याचार कब रुकेंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहे जितना नया चोला पहन ले, उत्तर प्रदेश की जनता उसके असली चरित्र को पहचान चुकी है। जनता अब भ्रमित होने वाली नहीं है और समय आने पर अपना जवाब देगी।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry