राजस्थान में ड्रग्स के हॉटस्पॉट जिलों पर खास निगरानी, नशा मुक्ति और जागरूकता अभियान तेज

राज्य

जयपुर
 मुख्य सचिव  वी. निवास की अध्यक्षता में शुक्रवार को शासन सचिवालय में प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी एवं दुरुपयोग की रोकथाम के लिए तैयार किए गए ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन 2026-29’ के संबंध में बैठक आयोजित हुई। बैठक में विजन के तहत निर्धारित लक्ष्यों, राज्य के रोडमैप तथा विभिन्न विभागों एवं केंद्रीय एजेंसियों के मध्य समन्वय की प्रगति की समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्रीय विजन के अनुरूप प्रदेश में प्रशासनिक एवं विभागीय समन्वय के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने इस विजन के चार प्रमुख स्तंभों—प्रवर्तन (Enforcement), पूर्ववर्ती रसायन एवं सिंथेटिक ड्रग्स पर रोक, मांग एवं हानि न्यूनीकरण तथा क्षमता निर्माण एवं समन्वय के तहत निर्धारित लक्ष्यों पर विस्तार से

चर्चा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए
 मुख्य सचिव ने विजन के तहत प्रवर्तन के क्षेत्र में आसूचना आधारित कार्रवाई को सुदृढ़ करने, तस्करी नेटवर्क का पूर्ण विघटन करने तथा अंतरराष्ट्रीय एवं अंतर्राज्यीय मार्गों को सुरक्षित बनाने के संबंध चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। इसी प्रकार पूर्ववर्ती रसायनों (Precursor Chemicals) का कड़ा विनियमन सुनिश्चित करते हुए सिंथेटिक ड्रग्स के अवैध निर्माण पर प्रभावी रोक लगाने के संबंध में भी निर्देश दिए। उन्होंने मांग एवं हानि न्यूनीकरण के अंतर्गत नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता, उपचार, परामर्श एवं पुनर्वास सेवाओं के विस्तार तथा क्षमता निर्माण एवं समन्वय के तहत एनसीबी की जनशक्ति, अत्याधुनिक अवसंरचना और विभिन्न एजेंसियों के मध्य बेहतर तालमेल को मजबूत करने पर भी चर्चा की।

मुख्य सचिव ने प्रदेश के संवेदनशील जिलों पर विशेष फोकस करते हुए नशा मुक्ति शिविर आयोजन की जानकारी ली, साथ ही हॉटस्पॉट जिलों में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत के निर्देश दिए। सीमावर्ती एवं अफीम खेती वाले जिलों में मादक पदार्थ सेवन के विरुद्ध बहु-माध्यम जन-जागरूकता अभियान चलाकर समुचित प्रचार प्रसार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

मुख्य सचिव ने राज्य रोडमैप के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के मध्य निरंतर समन्वय बनाए रखने तथा निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयासों एवं प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ ही युवाओं के लिए सुरक्षित, स्वस्थ एवं नशा मुक्त वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक  राजीव कुमार शर्मा, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव  भास्कर ए. सावंत, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एटीएस, एजीटीएफ  दिनेश एम.एन., गृह विभाग से संयुक्त सचिव मती अंजलि राजोरिया, उप सचिव मती सोविला माथुर  सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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