नई दिल्ली
जीवंत सेतु और अभूतपूर्व मील का पत्थर कहे जाने वाले ऋषि सुनक (Rishi Sunak) ब्रिटेन के भारतीय मूल के पहले प्रधानमंत्री बन गए है। वर्ष 2015 में पहली बार संसद के लिए चुने गए 42 वर्ष के ऋषि 200 साल से अधिक वर्षों में ब्रिटेन के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बन गए है।
अब ऋषि के हाथों में देश की आर्थिक संकट को संभालने का जिम्मा आ गया है। बता दें कि पीएम का कार्यभार संभालने से पहले ऋषि मगंलवार को किंग चार्ल्स तृतीय (King Charles III) से मुलाकात करेंगे।
लिज ट्रस देंगी इस्तीफा
45 दिन के लिए पीएम का पद ग्रहण करने वाली लिज ट्रस भी डाउनिंग स्ट्रीट जिसे प्रधानमंत्री का आवास-सह-कार्यालय कहा जाता है, में अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगी। बैठक के बाद वह किंग को अपना औपचारिक रूप से इस्तीफा सौपेंगी।
लिज ट्रस के इस्तीफा देने के बाद सुनक किंग से मुलाकात करेंगे और औपचारिक रूप से ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालेंगे। किंग से मिलने के बाद सुनक 10 डाउनिंग स्ट्रीट में पीएम के रूप में देश को संबोधन करेंगे। इस दौरान सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति और बेटिया कृष्णा तथा अनुष्का भी शामिल हो सकती है।
ब्रिटेन एक महान देश, कोई संदेह नहीं
इससे पहले सोमवार को सुनक ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा था कि ब्रिटेन एक महान देश है और इसमें कोई संदेह नहीं कि हम एक गहन आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। सुनक ने संकल्प लेते हुए कहा था कि मैं ईमानदारी और विनम्रता के साथ यूनाइटेड किंगडम के लोगों की सेवा करूंगा और दिन-रात काम करूंगा।
ऋषि सुनक के सामने कौन-कौन सी चुनौतियां?
200 साल के इतिहास में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने वाले सबसे युवा नेता ऋषि सुनक के सामने कई चुनौतियां भी होंगी। इसमें सबसे अहम है- ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को सही दिशा में चलाना। बता दें कि यूके में जनवरी 2025 तक मतदान नहीं होंगे और सुनक अब प्रधानमंत्री का पद संभाल रहे हैं तो ये जिम्मेदारियां और भी बढ़ गई है। सबकी निगाहें सुनक की कैबिनेट पर होगी और देखना होगा कि वह जेरेमी हंट को राजकोष के चांसलर के रूप में रखेंगे या नहीं।
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