खोदाई में मिलीं प्राचीन प्रतिमाएं चोरी, ग्रामीणों में आक्रोश

फर्श से अर्श तक

गुना
 राघौगढ़ ब्लाक की बूढ़ी बरसत गांव में फरवरी माह में बावड़ी खोदाई में तीन प्राचीन मूर्तियां मिली थीं। इसमें पहली मूर्ति शेष शैय्या पर भगवान श्रीविष्णु और मां लक्ष्मी चरण दबा रही हैं, दूसरी मूर्ति शिव-पार्वती और तीसरी मूर्ति भगवान श्रीगणेश की शामिल थी। इनमें से बीती रात श्रीविष्णु-माता लक्ष्मी और श्रीगणेश की मूर्ति चोरी हो गई। इससे नाराज ग्रामीणों ने बाजार बंद कर आक्रोश जताया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बूढ़ी बरसत गांव के हनुमान मंदिर स्थित बावड़ी की पिछले महीनों खोदाई के दौरान भगवान विष्णु की प्रतिमा निकली थी, जो काफी प्राचीन है। शेष शैय्या पर श्रीविष्णु विराजमान हैं, तो नाभि से निकले कमल के फूल पर ब्रह्माजी विराजमान हैं। चरणों में माता लक्ष्मी चरण दबा रही हैं। इसके अलावा भगवान शिव-पार्वती और श्रीगणेश की मूर्ति शामिल थीं। लेकिन मंगलवार की मध्यरात्रि श्रीविष्णु-लक्ष्मी मां और श्रीगणेश की प्रतिमा चोरी हो गई। इधर, सुबह पुजारी मंदिर पहुंचे, तब मूर्ति चोरी का पता चला। गांव में भी मूर्ति चोरी की खबर फैल गई। देखते ही देखते मंदिर पर ग्रामीण जुटने लगे। घटना के विरोध में बाजार भी बंद कर दिया। इधर, पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचकर पड़ताल कर रही है।

महामारी से बचने पूर्वजों ने बसाया था बरसत गांव

पीपलखेड़ी से पश्चिम की ओर तीन किमी दूर बूढी बरसत गांव है। सैकड़ों वर्ष पहले बरसत गांव उसी जगह पर बसा हुआ था, लेकिन उस समय महामारी से बचने पूर्वजों ने उस स्थान को छोड़कर नया गांव बसाया, जो आज बरसत के नाम से जाना जाता है। लेकिन बरसत के लोगों ने उस ऐतिहासिक स्थान पर जाना नहीं छोड़ा। यहां प्राचीन हनुमान मंदिर का चबूतरा पहले का बना हुआ था। लेकिन बरसत के ग्रामीणों ने अब उस स्थान पर चबूतरा की जगह मंदिर का निर्माण करवा दिया है। यहां बावड़ी भी बनी हुई थी, जो पुर चुकी थी। ग्रामीणों ने मंदिर के पुजारी के साथ भगवान की पूजा एवं लोगों को पानी पीने की परेशानी ना हो, इसलिए फरवरी माह में बावड़ी की खोदाई कराई। इस दौरान उक्त मूर्तियां मिली थीं।

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