पंद्रह सेकेंड की ताली, कई रोगों की दवा निराली, जानें क्या है बजाने का सही तरीका

उत्तर प्रदेश राज्य

  लखनऊ 

आमतौर पर हम प्रसन्नता जताने या दूसरों का उत्साह बढ़ाने के लिए लोग ताली बजाते हैं। वास्तविकता यह कि ताली एक प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति भी है। ताली बजाना एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्धति का प्रमुख सिद्धांत है। ताली बजाने से शरीर की खास तंत्रिकाएं सक्रिय होकर हमें निरोग रखती हैं।

उज्जैन के अरुण ऋषि ‘स्वर्गीय’ ने निराली दवा में रूप में 15 सेकेंड की ताली विकसित की है। मारवाड़ी युवा मंच के काशी कुंभ-युवा संगम में अरुण ऋषि शुक्रवार को इस पद्धति का प्रशिक्षण देने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि रक्तचाप, मधुमेह, तनाव, अवसाद सहित कई बीमारियों पर इस पद्धति के सकारात्मक परिणाम वैज्ञानिकों और चिकित्सकों की देखरेख में दर्ज हो चुके हैं।
 

…इसलिए मैं स्वर्गीय हूं
70 वर्षीय अरुण ऋषि दावा करते हैं कि बीते 43 वर्षों से वह इस पद्धति के बल पर निरोग हैं। बोले-‘भयानक प्रदूषण के युग में भी मैं निरोगी हूं। इसलिए मानता हूं कि मैं स्वर्ग में रहता हूं और अपना तखल्लुस ‘स्वर्गीय’ रखा है। मैं टूथपेस्ट, साबुन, शैम्पू, दवाइयां, पेय पदार्थ आदि का इस्तेमाल नहीं करता’।

संसद में भी किया है प्रदर्शन अरुण ऋषि ने इस विधा का 25 साल पहले नई दिल्ली के एम्स में प्रदर्शन किया। वर्तमान में देश-विदेश की 27 कारपोरेट कंपनियां अपने कर्मचारियों को ताली विधि से निरोग रखने की कला सिखा रही हैं।

अरुण ऋषि ने बताया, कैसे बजाएं ताली
दाहिने हाथ की पहली उंगली को बाएं हाथ की हथेली पर चार बार, फिर बीच की उंगली को उसके साथ जोड़ कर चार-चार बार बजाएं। बाकी दो उंगली को भी जोड़ते हुए चार बार बजाना है। फिर सभी उंगलियों को आपस में जोड़ कर पूरी ताकत से 15 सेंकेंड तक ताली बजानी है। ताली के बाद दोनों हाथों की मध्यमा उंगली के दोनों पोर अपनी आंखों पर फेरें। गहरी सांस छोड़ें।
 

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