बेंगलुरु
तमिलनाडु में 8 फरवरी को हुई मारपीट की घटना के पीड़ित प्रभाकर ने ICU से बाहर आकर पूरी घटना के बारे में बताया है। इस दौरान उन्होंने DMK पार्षद चिन्नास्वामी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रभाकर ने बताया कि DMK पार्षद चिन्नास्वामी ने उनके घर पर आकर उनके परिवार के साथ मारपीट की। पार्षद तलवार चला रहा था। उसने मेरे पिता पर भी तलवार से हमला किया। तलवार मेरे पिता के सिर पर लगी अगर गर्दन पर लगी होती तो वो बच नहीं पाते। बता दें कि इस हमले में घायल 29 वर्षीय सैनिक प्रभु की बीते मंगलवार को मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार ने हमले में शामिल सभी लोगों के लिए सरकार से फांसी की सजा की मांग की है।
कपड़े धोने पर शुरू हुआ था विवाद
प्रभाकर ने बताया कि स्थानीय सिंटेक्स टैंक के पानी से कपड़े धोने के सवाल पर पार्षद के साथ झगड़ा शुरू हो गया था। प्रभाकर ने कहा कि चिन्नास्वामी का भतीजा भी वहां कपड़े धो रहा था और उने हमें वहां से चले जाने के लिए कहा। मैंने कहा कि हम क्यों जाएं। हर कोई यहां कपड़े धोता है। जिसके बाद विवाद बढ़ गया और जब उस व्यक्ति ने प्रभाकर, उसके भाई और मां को चप्पल से पीटने की कोशिश की, तो स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप किया और सभी को शांत कराया। लेकिन शाम को चिन्नास्वामी, उनके रिश्तेदार और गुर्गे प्रभाकर के घर आ गए। इस दौरान उसने मेरे पिता को गाली दी और तलवार से उन पर हमला किया।
परिवार कर रहा फांसी की सजा की मांग
पिता की चीख सुनकर मैं बाहर गया तो 6-7 लोगों ने मिलकर मुझे मारना शुरू कर दिया। मैं दर्द से चीखने लगा तो मेरा भाई बाहर आ गया लेकिन इससे पहले कि वह कुछ कर पाता, उन्होंने उसकी गर्दन पर एक वार कर दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
बता दें कि हमले के आरोप में चिन्नास्वामी समेत 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि राज्य की सत्तारूढ़ DMK की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया या कार्रवाई नहीं की गई है। परिवार ने हमले में शामिल सभी लोगों के लिए फांसी की सजा की मांग की है। वहीं प्रभु की विधवा पुनीता ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग की है।
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