लखनऊ
लखनऊ उच्च न्यायालय ने हत्या के एक मामले में जेल में बंद गैंगस्टर-राजनीतिज्ञ मुख्तार अंसारी के कथित सहयोगी द्वारा उसके खिलाफ जारी किए गए पेशी वारंट को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। सीजेएम कोर्ट ने इसी साल 8 मई को वारंट जारी कर लखनऊ पुलिस को वालिया को पंजाब से लाने की अनुमति दी थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने जेल में बंद गैंगस्टर-राजनीतिज्ञ मुख्तार अंसारी के कथित सहयोगी हरविंदर सिंह उर्फ जुगनू वालिया द्वारा दायर उस याचिका को वापस ले लिया है, जिसमें लखनऊ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) द्वारा उनके खिलाफ जारी पेशी वारंट को चुनौती दी गई थी।
वालिया, जिसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था, को पंजाब पुलिस ने पिछले महीने मोहाली में गिरफ्तार किया था। वह 2021 में लखनऊ के एक रेस्टोरेंट मालिक की हत्या के मामले में आरोपी है। उसके खिलाफ आलमबाग थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है।
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में गूंजा लखनऊ का नाम, चाट को लेकर मोदी ने ये कहा सीजेएम कोर्ट ने इसी साल 8 मई को प्रोडक्शन वारंट जारी कर लखनऊ पुलिस को वालिया को पंजाब से लाने की अनुमति दी थी। न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव की एकल-न्यायाधीश पीठ ने 31 मई को वालिया की याचिका को खारिज कर दिया।
वालिया के वकील ने पंजाब से लखनऊ लाए जाने के दौरान उनकी जान को 'खतरा' होने की आशंका जताई थी। अतिरिक्त महाधिवक्ता (एएजी) विनोद कुमार शाही ने याचिका का विरोध किया था। शाही ने तर्क दिया कि आवेदक की सभी आशंकाएं निराधार और निराधार हैं क्योंकि राज्य सरकार स्थानांतरण के दौरान सभी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।
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