नई दिल्ली
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कहा कि बीते दिनों हवाई किराए में बढ़ोतरी कई वजहों से हुई थी। हालांकि, इस संबंध में बैठकें करने के बाद इसमें कमई दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों में हवाई किराए में 16 से 64 प्रतिशत तक की कमी आई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विमानन क्षेत्र में हाई और लो सीजन होते हैं यानी यात्रा समय के अनुसार यात्री बढ़ते और घटते हैं। जब किराए में वृद्धि हुई तब हाई सीजन था। इसी बीच एक एयरलाइन का परिचालन बंद हो गय। इस कारण दबाव बढ़ गया और अतिरिक्त मांग होने के कारण कीमतें बढ़ी थीं।
गौरतलब है कि सरकार को गो-फर्स्ट एयलाइन के बंद होने के बाद आसमान छूते हवाई किराए के संबंध में कई शिकायतें मिली थीं। खासकर उन मार्गों पर जहां गो-फर्स्ट की सेवाएं थीं। गर्मी के चरम मौसम के दौरान, दिल्ली-लेह और श्रीनगर जैसे पर्यटक हॉटस्पॉट सेक्टर में दिल्ली वापसी का हवाई किराया लगभग 50,000 रुपये तक पहुंच गया था।
किराए के लिए तंत्र बनाने का दिया था निर्देश
बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर जून में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एयरलाइंस सलाहकार समूह के साथ बैठक की थी और कि उचित किराया सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र बनाने को कहा था। इसकी निगरानी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) करेगा।
इंडिगो के करार को ऐतिहासिक बताया
वहीं, नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इंडिगो की तरफ से किए गए 500 विमानों के सबसे बड़े करार को ऐतिहासिक बताया और कहा कि नागर विमानन के क्षेत्र में भारत के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। सिंधिया ने कहा कि यह ऐतिहासिक सौदा एयर इंडिया की तरफ से एयरबस और बोइंग को संयुक्त रूप से दिए गए 470 विमानों के ऑर्डर से काफी साम्यता रखता है। दुनिया में किसी भी विमान विनिर्माता को किसी एयरलाइन से दिए गए इस सबसे बड़े ऑर्डर के साथ भारत ने एक और उपलब्धि हासिल कर ली है। उन्होंने कहा कि नागर विमानन के क्षेत्र में निवेश का गुणक प्रभाव होता है और इसमें लगाया गया प्रत्येक डॉलर वृद्धि के मामले में तिगुना साबित होता है। इसके अलावा इससे रोजगार भी कई गुना बढ़ जाता है।
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