प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने स्वीकार किया है कि लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस बीजेपी से कमजोर

राजनीती

शिमला

हिमाचल प्रदेश में 6 बागी विधायकों की बर्खास्तगी के बाद भी कांग्रेस का संकट खत्म नहीं हुआ है. बागी विधायक कानूनी लड़ाई पर अड़े हैं. विक्रमादित्य बागी विधायकों से मुलाकात कर रहे हैं और कांग्रेस के आला नेता किसी तरह सरकार बचाने की कोशिश में लगे हैं. लेकिन अब अंदरखाने की तल्खी खुलकर जुबानी जंग में तब्दील हो गई है और खुद प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने स्वीकार किया है कि लोकसभा चुनाव के लिए फील्ड में कांग्रेस बीजेपी से कमजोर नजर आ रही है.

प्रतिभा सिंह ने जताई नाराजगी

स्पीकर के फैसले पर नाराजगी जताते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा, 'स्पीकर साहब ने जो फैसला दिया है उससे वो लोग (बागी विधायक) भी आहत हुए होंगे, उनकी भी कुछ डिमांड थी. राजेंद्र राणा (बागी विधायक) हमीरपुर से आते हैं और उन्होंने धूमल साहब को हराया था. वो एक साल से चाह रहे थे कि कहीं ना कहीं उनकी अडजस्टमेंट हो. उनको कहीं पर अडजस्ट किया होता तो ऐसा संकट ही नहीं आता.अभी बांकी विधायक इतनी सुरक्षा में हैं कि आप उनसे मुलाकात नहीं कर सकते हैं. उन सबके फोन स्विच्ड ऑफ हैं. देखते हैं कि क्या परिस्थिति बनती हैं और हाईकमान क्या फैसला लेता है. मेरी सभी तीन पर्यवेक्षकों से मुलाकात हुई है.'

चुनावी मैदान में हम बीजेपी से कमजोर- प्रतिभा सिंह

प्रतिभा ने स्वीकार किया कि बीजेपी की चुनावी तैयारियां कांग्रेस से बेहतर हैं, उन्होंने कहा, 'मैं माननीय मुख्यमंत्री जी को यही बात कर रही थी कि आप संगठन को मजबूत करेंगे तो तभी हम आने वाले चुनाव में मजबूती से मुकाबला कर सकते हैं. ये बहुत कठिन घड़ी है हमारे लिए. आप जानते हैं कि हमारे आदरणीय मोदी जी के आदेश के अनुसार कितनी डिफिकल्टी दिख रही है हमें फील्ड में दिखा है कि भाजपा क्या करने जा रही है, कैसे इलेक्शन लड़ेगी. हम वहां कमजोर फुटिंग पर हैं. मैंने बार-बार उन्हें (सीएम को) यही आग्रह किया कि हमें मजबूत करने की जरूरत है. पार्टी को संगठित करने की जरूरत है. चुनाव तो चुनाव है, लड़ना है और जीत हासिल करनी है.'

भाजपा हमसे बेहतर

संगठन के तौर पर कौन ज्यादा मजबूत है? इस सवाल का जवाब देते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा, 'कांग्रेस को अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है, हालांकि आप जानते हैं कि मैंने एक सांसद के रूप में अपने क्षेत्र का बार-बार दौरा किया है. मैं लोगों से मिली हूं और लोगों की बात को जानने का प्रयास किया कि उन्हें क्या दिक्कतें हैं. हमारे पास सांसद निधि होती है उसका बंटवार हर क्षेत्र में करना था क्योंकि कभी भी कोड ऑफ कंडक्ट लग सकता है फिर वो पैसा लैप्स हो जाता. ये बात सही है कि भाजपा की वर्किंग हमारे से बेहतर है.'

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