आसाराम बापू से संबंधित बलात्कार कांड में सोशल मीडिया मंच पर वायरल हुए फर्जी वीडियो की जांच शुरू

उत्तर प्रदेश राज्य

शाहजहांपुर
उत्तर प्रदेश पुलिस ने आसाराम बापू की संलिप्तता वाले बलात्कार प्रकरण में पीड़िता के पिता के सोशल मीडिया मंच पर वायरल हुए फर्जी वीडियो की जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया मंच पर वायरल हो रहे उक्त वीडियो में एक व्यक्ति को यह कहते हुए देखा जा सकता है, "कृपया हमें माफ कर दें। मेरी बेटी ने झूठे आरोप लगाए थे।"

वीडियो को यह दावा करते हुए प्रसारित किया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहा शख्स पीड़िता का पिता है। पीड़िता के पिता ने बुधवार को बताया कि आसाराम बापू के अनुयायियों द्वारा उन्हें नीचा दिखाने के लिए यह फर्जी वीडियो वायरल किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘ यह हमारा वीडियो नहीं है और न ही हमने ऐसा कोई बयान दिया है।'' उन्होंने कहा कि वीडियो में जो व्यक्ति पीड़िता का पिता बन कर बात कर रहा है, उसका हुलिया तथा आवाज में भी काफी भिन्नता है।

उन्होंने कहा , ‘‘हमने पुलिस से शिकायत की है कि जिसने यह फर्जी वीडियो वायरल किया है उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाये। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बुधवार को बताया कि उन्हें जैसे ही मामले की जानकारी हुई उन्होंने तत्काल ही कोतवाली प्रभारी को पीड़िता के घर भेजा जहां पीड़िता के पिता ने लिखित रूप से कहा कि वायरल वीडियो उनका नहीं है तथा एक साजिश के तहत इसे वायरल किया गया है।

 मीणा ने कहा, ‘‘हम मामले को देख रहे हैं। वायरल वीडियो कहां से आया है-इसकी जांच की जा रही है।'' आसाराम बापू (81) ने 2013 में शाहजहांपुर की 16 साल की एक नाबालिग के साथ अपने जोधपुर आश्रम में दुष्कर्म किया था और उन्हें 2018 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद से आसाराम बापू जेल में बंद है।

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