शिवराज को आखिर कृषि मंत्रालय ही दिया गया, उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या?

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद कैबिनेट का भी गठन हो गया. उनके मंत्रिमंडल में शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेंद्र कुमार, दुर्गादास उईके और सावित्री ठाकुर को भी जगह मिली है. शिवराज सिंह चौहान को कृषि एवं ग्रामीण विकास, ज्योतिरादित्य सिंधिया को दूर संचार विभाग, वीरेंद्र कुमार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, दुर्गादास उईके को जनजातीय और सावित्री ठाकुर को महिला एवं बाल विकास विभाग मिला है. इन सभी विभागों का बजट 5 लाख करोड़ रुपये है. इन पांच लाख करोड़ रुपये के बजट में से भी अकेले शिवराज सिंह चौहान को 3.07 लाख करोड़ रुपये का बजट मिला है.

गौरतलब है कि कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय पहले भी मध्य प्रदेश के पास ही था. शिवराज से पहले यह विभाग मध्य प्रदेश विधानसभा स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर के पास था. तोमर ने प्रदेश से पांच मंत्री बनने पर खुशी जताई है. 10 जून की रात ग्वालियर आए नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मध्य प्रदेश को पांच महत्वपूर्ण मंत्रालय मिले हैं. पांचो मंत्रालय को मिलाकर 5 लाख करोड़ का बजट है.  यह मध्य प्रदेश के लिए अच्छी बात है.

किस विभाग का कितना बजट
बता दें, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को दूर संचार विभाग मिला है. उनके विभाग का बजट 1.42 लाख करोड़ रुपये है. वीरेंद्र कुमार खटीक के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग का बजट 14 हजार 225 करोड़ रुपये है. दुर्गादास उईके जनजातीय मामलों के मंत्री बनाए गए हैं. उनके विभाग का बजट 13 हजार करोड़ रुपये है. इसी तरह सावित्री ठाकुर के महिला एवं बाल विकास विभाग का बजट 26 हजार 92 करोड़ रुपये है.

केंद्रीय मंत्री शिवराज ने कही ये बात
मंत्रालय मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के करोड़ों गरीब परिवारों के आवास का सपना पूरा हो रहा है, जिससे वह सशक्त हो रहे हैं. आज प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल के केंद्रीय कैबिनेट की पहली बैठक में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के अंतर्गत 3 करोड़ अतिरिक्त आवास के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बनने वाले इन आवास में शौचालय, बिजली कनेक्शन, एलपीजी कनेक्शन और नल कनेक्शन जैसी बनियादी सुविधाएं होंगी. इस जनकल्याणकारी निर्णय हेतु प्रधानमंत्री मोदी का हार्दिक आभार एवं अभिनंदन.’

शिवराज भाजपा के टॉप 10 नेताओं में शामिल
केंद्रीय मंत्री चौहान की बड़ी जीत, प्रदेश में भाजपा के क्लीन स्वीप वाले नीतीजे और शिवराज सिंह की छवि ने पार्टी में उनका कद और बढ़ा कर दिया है। पीएम मोदी और मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में शिवराज सिंह मंच पर सबसे पहली पंक्ती में नजर आए। इतना ही नहीं पीएम मोदी के बाद वे छठे नंबर की कुर्सी पर बैठे थे और इसी नंबर पर ही उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। वे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बाद बैठे थे। ऐसे में यह साफ है कि भाजपा में उनका कद काफी बड़ा हो गया है।

यह तस्वीर शपथ ग्रहण समारोह की है। पहली पंक्ति की पहली कुर्सी पर नरेंद्र मोदी बैठे हुए थे, दूसरी पर राजनाथ सिंह, तीसरी पर अमित शाह, चौथी पर नितिन गड़करी, पांचवीं पर जेपी नड्डा को जगह दी थी। इसके बाद छठवें नंबर की कुर्सी पर शिवराज सिंह बैठे हैं। अन्य नेता उनके बाद बैठे हुए हैं। इसका साफ संदेश है कि शिवराज पार्टी के टॉप छह नेताओं में शामिल हो गए हैं।

शिवराज को कृषि मंत्रालय मिलेगा यह पहले से तय था
प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को कृषिमंत्रालय दिया जाएगा यह लगभग पहले से ही तय था। हालांकि, गठबंधन पार्टियों की ओर से भी इस मंत्रालय की मांग की थी, लेकिन भाजपा अपनी बात मनवाने में कामयाब रही। इसके अलावा एक अतरिक्त ग्रामीण विकास मंत्रालय देकर शिवराज की जिम्मेदारी और बढ़ा दी गई है।

देश के किसानों का दर्द बांटेंगे मामा
मप्र के मुख्यमंत्री रहते शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में कृषि क्षेत्र और किसानों के लिए कई बढ़े काम किए हैं, जिसका उन्हें फायदा मिला है। उनके कार्यकाल में प्रदेश को सात बार कृषि कर्मण अवॉर्ड मिला है। उनकी इसी कार्यप्रणाली को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार में उन्हें इस अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, शिवराज के पास माजूद दूसरा मंत्रालय ग्रामीण विकास भी अहम हैं। इन दोनों विभागों का बजट करीब 3.07 लाख करोड़ है। ऐसे में यह साफ है कि मध्य प्रदेश में मामा के नाम से चर्चित शिवराज अब देश के किसानों के भाई बनकर उनका दर्द बांटेंगे और उनकी समस्याओं को हल करेंगे।

 

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