नई दिल्ली
दिल्ली में शुक्रवार को हुई बारिश ने राजधानी में ऐसी तबाही मचाई कि उसके धब्बे अभी तक साफ नहीं हो सके हैं। दिल्ली में बारिश हुई तो लोगों ने पहले राहत की सांस ली लेकिन उन्हें भी नहीं पता था कि आसमान से बरस रही यह आफत बाद में ऐसा भयंकर रूप लेगी कि लोगों की जान पर बन आएगी। गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तर हुई बारिश ने पिथले 44 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसकी चपेट में आकर कम से कम 7 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। हालात इतने भयावह हो गए कि बस और ट्रक भी पानी में डूबते नजर आए। इसके बाद रेक्स्यू टीम ने मौके पर आकर मौर्चा संभाला और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
लेकिन इसके बावजूद 4 अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 7 लोगों ने जान गंवा दीं। इसमें 8 और 10 साल के दो बच्चे भी शामिल थे। बताया जा रहा है कि ये दोनों बच्चे खेलते वक्त पानी में डूब गए जिससे उनकी मौत हो गई। इसके अलावा एक अन्य घटना में एक बुजुर्ग की अंडरपास में बारिश के पानी में डूबने से मौत हो गई।
वसंत विहार में तीन मजदूरों की मौत
वसंत विहार में भी तीन मजदूरों की मौत हो गई। दरअसल भारी बारिश के चलते वसंत विहार में एक निर्माणाधीन दीवार गिर गई जिसके मलबे में फंसकर तीन मजदूरों की मौत हो गई। रेस्क्यू टीम ने तीनों मजदूरों के के शव बाहर निकाल लिए हैं। इसके अलावा भारी बारिश के कारण बा दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 की छत का एक हिस्सा ढहने से एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि उड़ानों का संचालन निलंबित कर दिया गया।
पानी में डूबने से 2 बच्चों की मौत
भारी बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया था। न्यू उस्मानपुर इलाके में भी लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा। इसी दौरान शुक्रवार शाम को दो बच्चों की पानी में डूबकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह बच्चे पानी से बरे एक गड्ढे में खेल रहे थे।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1936 के बाद शहर में पिछले 88 वर्षों में जून में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है, और 1901 से 2024 की अवधि में यह दूसरी सबसे अधिक बरसात है। शुक्रवार तड़के हुई भारी बारिश राष्ट्रीय राजधानी को घुटनों पर ले आई, जिसकी वजह से रोहिणी इलाके में करंट लगने से 39 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। इसके अलावा वसंत विहार में निर्माणाधीन दीवार गिरने पर तीन मजदूर उसके नीचे दब गए। शाम तक बचाव कार्य जारी रहा और हर बीतते मिनट के साथ उनके जिंदा बचे होने की उम्मीदें दम तोड़ने लगीं।
दिल्लीवासी सुबह जब सोकर उठे तब तक भारी बारिश राजधानी को तर-बतर कर चुकी थी। इस दौरान लोगों के घरों में पानी भर गया, वाहन डूब गए और मीलों लंबा यातायात जाम लग गया, जिसे खत्म होने में घंटों लग गए। हजारों यात्री सड़कों पर फंसे रहे, जिनमें से कई अपने कार्यालय और दूसरे कामों पर नहीं जा सके। बारिश के बाद प्रगति मैदान की सुरंग बंद कर दी गई। इसके अलावा लुटियंस दिल्ली, हौज खास, साउथ एक्सटेंशन और मयूर विहार जैसे पॉश इलाकों समेत पूरे शहर में घरों में पानी भरने की खबरें मिली हैं।
शहर के प्राथमिक मौसम केंद्र, सफदरजंग वेधशाला ने शुक्रवार सुबह 8:30 बजे से पहले के 24 घंटों में 228.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की, जो जून की औसत बारिश 74.1 मिमी से तीन गुना अधिक है। साल 1936 के बाद से 88 वर्षों में इस महीने में हुई यह सबसे अधिक बारिश है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार एक दिन में 124.5 से 244.4 मिमी के बीच हुई बारिश बहुत भारी बारिश मानी जाती है। आईएमडी ने कहा कि दिल्ली में मानसून दस्तक दे चुका है।
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