मध्य प्रदेश में वक्फ बोर्ड की कमेटियों का लेन देन अब होगा पारदर्शी, खुलेंगे बैंक खाते, सेन्ट्रल बैंक से हुआ करार

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल
 मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अधीन 15 हजार वक़्फ सम्पतियां रजिस्टर्ड है। कमेटियों के बैंक खाता नहीं होने के कारण भारी अनियमिताएं होने की लगातार शिकायतें मिल रही थी। इस पर वफ्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सनवर पटेल के सख्त निर्देश पर बोर्ड ने गहन छानबीन करते हुए बताया कि कमेटियों के बैंक खाते नहीं होने के कारण बोर्ड भारी असुविधा एवं आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।

बैंक खाता अनिवार्य रूप से खुलवाने का फैसला

राज्य के बोर्ड ने अपने काम में पारदर्शिता लाने, ऊपरी लेन देन रोकने और बोर्ड एवं कमेटियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए बोर्ड की कमेटियों का बैंक खाता अनिवार्य रूप से खुलवाने का फैसला किया, परन्तु प्रदेश भर में कमेटियों के खाते खोलने को लेकर बैंक में बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अनेक स्थानों पर तो बैंक खाते खुल ही नहीं पाते थे। कमेटियों की इस परेशानी को दूर करने के लिए बोर्ड चेयरमैन डॉ सनवर पटेल ने बोर्ड की टीम के साथ सेन्ट्रल बैंक के जोनल हेड एवं मैनेजमेंट से अनेक दौर की चर्चा की।

खाता खुलवाने का सरकुलर जारी

उक्त कार्य में मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण सहयोग एवं मार्गदर्शन किया। आज सेंट्रल बैंक ने बड़ा निर्णय लेते हुए बोर्ड के इतिहास में पहली बार अपनी सभी शाखाओं को बोर्ड की वैधानिक कमेटियों का खाता खुलवाने का सरकुलर जारी कर दिया है। ऐसी सभी वक्फ कमेटियां जिनको अपना बैंक खाता खुलवाने में परेशानी होती थी। कमेटियों के पदाधिकारी अब इस पत्र के साथ अपने जिले में सेन्ट्रल बैंक की अपने पास स्थित शाखा में जाये और अपनी वक्फ कमेटी का खाता बिना किसी परेशानी के खुलवाये।

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