बीजिंग
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोमवार को बीजिंग में चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात की। विदेश मंत्री जयशंकर ने 'एक्स' पर ट्वीट किया, 'चीन की शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की अध्यक्षता के लिए भारत का समर्थन व्यक्त किया। हमारे द्विपक्षीय संबंधों में सुधार पर फोकस किया और विश्वास व्यक्त किया कि मेरी यात्रा के दौरान हुई चर्चाएं सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगी।'
दोनों देशों के संबंधों में सुधार
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच कजान में हुई बैठक के बाद से दोनों देशों के संबंधों में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा, 'भारत शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में चीन की सफल अध्यक्षता का समर्थन करता है। पिछले अक्तूबर में कजान में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच हुई बैठक के बाद से हमारे द्विपक्षीय संबंधों में लगातार सुधार हो रहा है। मुझे विश्वास है कि इस यात्रा में मेरी चर्चाएं इसी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगी।'
पांच वर्षों में चीन की पहली यात्रा
जयशंकर सिंगापुर की अपनी यात्रा पूरी करने के बाद चीन पहुंचे हैं। यह पांच वर्षों में उनकी चीन की पहली यात्रा है। सोमवार को उनके अपने चीनी समकक्ष वांग यी से द्विपक्षीय बैठक करने की उम्मीद है। जयशंकर और वांग यी की पिछली मुलाकात फरवरी में जोहान्सबर्ग में जी-20 बैठक के दौरान हुई थी, जहां दोनों पक्षों ने आपसी विश्वास और समर्थन का आह्वान किया था।
एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक
जयशंकर आज तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि विदेश मंत्री तियानजिन में आयोजित एससीओ विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक (सीएफएम) में भाग लेने के लिए पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का दौरा करेंगे। विदेश मंत्री सीएफएम के दौरान द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
गलवां के बाद पहली यात्रा
2020 में गलवां में हुई घातक सैन्य झड़प को लेकर संबंधों में आई खटास के बाद विदेश मंत्री की यह पहली चीन यात्रा है। जयशंकर की यह यात्रा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की यात्राओं के बाद हो रही है, जिन्होंने जून में एससीओ बैठकों के लिए चीन की यात्रा की थी।
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