नई दिल्ली
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की धमक अब दुनिया भर में महसूस की जा रही है-और भारत भी इससे अछूता नहीं रहना चाहता। लंबे समय से स्कूल शिक्षा में AI को शामिल करने की मांग उठ रही थी, जिसे लेकर अब केंद्र सरकार ने कमर कस ली है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय देशभर के स्कूलों में कक्षा 3 से AI एजुकेशन लागू करने की रूपरेखा तैयार कर रहा है। माना जा रहा है कि ये बदलाव शैक्षणिक सत्र 2025-26 से नजर आने लगेंगे।
सभी विषयों के छात्रों के लिए होगी AI शिक्षा
मंत्रालय की योजना के तहत AI एजुकेशन केवल तकनीकी या विज्ञान के छात्रों तक सीमित नहीं रहेगी। कक्षा 3 से ऊपर की सभी कक्षाओं के छात्रों को AI की मूल समझ दी जाएगी। यानी हर विषय के विद्यार्थी को इसका हिस्सा बनना होगा। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि AI एजुकेशन को अनिवार्य बनाया जाएगा या वैकल्पिक रखा जाएगा।
स्कूल शिक्षा सचिव ने दी अहम जानकारी
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि आने वाले दो से तीन वर्षों में छात्रों और शिक्षकों को AI तकनीक से जोड़ने के लिए तेजी से कदम उठाने होंगे। उन्होंने बताया कि देशभर के एक करोड़ से अधिक शिक्षकों को AI शिक्षा से प्रशिक्षित करना बड़ी चुनौती होगी। इस दिशा में एक पायलट प्रोजेक्ट पहले से चल रहा है, जिसके तहत शिक्षकों को पाठ योजनाएं तैयार करने में AI टूल्स का इस्तेमाल सिखाया जा रहा है। लक्ष्य है- शिक्षक और शिक्षार्थी, दोनों को डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना।
फिलहाल 9वीं से 12वीं तक वैकल्पिक विषय के रूप में
इस समय AI एजुकेशन केवल CBSE स्कूलों में शामिल है। देशभर के 18,000 से अधिक CBSE स्कूलों में कक्षा 6 के बाद 15 घंटे का AI स्किल मॉड्यूल उपलब्ध है। वहीं कक्षा 9 से 12 तक AI एक वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है।
खत्म हो जाएंगी नौकरियां
नीति आयोग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, AI के बढ़ते उपयोग से करीब 20 लाख पारंपरिक नौकरियां समाप्त हो सकती हैं। लेकिन, अगर देश में सही AI इकोसिस्टम तैयार हो जाए, तो करीब 80 लाख नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं। यानी, आने वाला समय सिर्फ पढ़ाई ही नहीं- रोज़गार की दिशा भी बदलने वाला है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
