नई दिल्ली
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा "मैंने किया, मैंने बनाया" कहते रहते हैं, जबकि देश किसी एक व्यक्ति के भरोसे नहीं चलता." खड़गे ने यह भी कहा कि सरदार पटेल का सम्मान कांग्रेस ने हमेशा किया है और उन्हें नेहरू-इंदिरा के साथ बराबर दर्जा दिया है.
खड़गे ने कहा, “पटेल का स्टैच्यू बनाया गया है, इसके लिए धन्यवाद, लेकिन सरदार सरोवर की नींव किसने डाली थी, यह भी याद रखना चाहिए. पांच अप्रैल 1961 को हमने इसकी शुरुआत की थी. लाखों एकड़ जमीन को पानी मिला, लोगों का जीवन सुधरा. देश किसी एक व्यक्ति से नहीं चलता. प्रधानमंत्री आते-जाते हैं, नेता आते-जाते हैं, लेकिन देश सबके प्रयासों से चलता है.”
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा, “मोदी साहब की आदत है – ‘मैंने किया, मैंने बनाया’. ठीक है, आपने नोटबंदी की, झूठ बोला कि दो करोड़ नौकरियां देंगे. लेकिन जो नहीं किया, उसका श्रेय क्यों लेते हैं?”
सरदार पटेल और नेहरू के रिश्ते पर बोले खड़गे
खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान का भी जवाब दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि “पटेल चाहते थे कि पूरा कश्मीर भारत के साथ रहे, लेकिन नेहरू ने बांट दिया.” इस पर खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह कांग्रेस पर पटेल को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाते हैं, जबकि कांग्रेस ने हमेशा पटेल को उचित सम्मान दिया.
उन्होंने कहा, “गुजरात के दो बड़े नेता हमेशा कहते हैं कि कांग्रेस ने सरदार पटेल को नज़रअंदाज़ किया, लेकिन हमने उनके और नेहरू जी के रिश्ते का पूरा इतिहास पढ़ा है. दोनों ने एक-दूसरे का सम्मान किया था.”
आरएसएस पर फिर से प्रतिबंध की मांग
एक सवाल के जवाब में खड़गे ने कहा कि सरदार पटेल ने आरएसएस और जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध लगाया था. आज अगर उसी संगठन को सरकारी कर्मचारियों से जोड़ने की अनुमति दी जा रही है, तो यह पटेल की विरासत का अपमान है.
उन्होंने कहा, “अगर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पटेल का आदर करते हैं, तो उन्हें उसी मार्ग पर चलना चाहिए. देश में जो गड़बड़ियां और लॉ एंड ऑर्डर की समस्याएं हो रही हैं, वे बीजेपी और आरएसएस की वजह से हैं. इसलिए मैं खुलकर कहता हूं कि आरएसएस पर फिर से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए.”
ब्यूरोक्रेसी और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर चिंता
एक पत्रकार ने पूछा कि क्या आज की ब्यूरोक्रेसी और लोकतांत्रिक संस्थाएं उसी विचारधारा में रंगी जा रही हैं, जिसके खिलाफ पटेल थे?
इस पर खड़गे ने कहा, “पटेल ने देश में एकता और शांति के लिए संघर्ष किया. अगर आज कोई उस एकता को तोड़ने की कोशिश करता है, तो उसे सजा मिलनी चाहिए. देश में यूनिटी लाना उनका सपना था.”
मोदी सरकार पर तीखा तंज
खड़गे ने सरकार की नीतियों पर व्यंग्य करते हुए कहा, “जो चीज़ खत्म हो चुकी थी, उसे आप फिर से ज़िंदा कर रहे हैं. इससे देश में असंतोष पैदा होगा. जैसे कोई सोए हुए सांप को फिर से छेड़े, तो परिणाम वही होगा. इसलिए इन चीज़ों को चाटने या परखने की ज़रूरत नहीं – नतीजा मृत्यु ही है. प्रधानमंत्री मोदी जो कर रहे हैं, वो देश के लिए अच्छा नहीं है.”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में खड़गे ने कहा, “देश किसी एक व्यक्ति के भरोसे नहीं चलता. प्रधानमंत्री और नेता आते-जाते हैं, लेकिन देश के लिए सबको मिलकर काम करना पड़ता है. कांग्रेस ने हमेशा देश की एकता और लोकतंत्र के लिए काम किया है.”
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