रांची
आदिवासी प्रतिनिधियों ने देशभर में चल रहे आदिवासी संघर्षों को मजबूत नेतृत्व देने की अपील की. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज आज हेमन्त सोरेन जैसे नेतृत्व की ओर आशा से देख रहा है.झारखंड के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय परिसर में रविवार को देश के विभिन्न राज्यों से आए आदिवासी प्रतिनिधियों ने CM सोरेन से मुलाकात की. CM ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड की धरती वीरता, संघर्ष और स्वाभिमान की जीवंत पहचान रही है. उन्होंने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, दिशोम गुरु शिबू सोरेन सहित अनेक आदिवासी वीर-वीरांगनाओं के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.CM सोरेन ने बताया कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और अधिकारों की रक्षा के लिए झारखंड सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है.
CM ने बोल कि झारखंड देश का पहला राज्य बन गया है जहां आदिवासी विद्यार्थी सरकारी खर्च पर विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. CM ने कहा कि पूरे देश में आदिवासी समाज को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत करने की जरूरत है. उन्होंने कहा, “सशक्त और आत्मनिर्भर आदिवासी समाज ही भविष्य के भारत की मजबूत नींव बन सकता है.” इस अवसर पर प्रतिनिधियों ने झारखंड सरकार की नीतियों और आदिवासी हितों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की.
गुजरात, महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मणिपुर सहित देश के कई राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने झारखंड सरकार के प्रयासों को ऐतिहासिक बताते हुए सहयोग का आश्वासन दिया.इस कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिनिधियों ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान और संघर्ष को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर मंत्री दीपक बिरुआ, मंत्री चमरा लिंडा, विधायक मती कल्पना सोरेन, अशोक चौधरी समेत देशभर से आए सैकड़ों आदिवासी प्रतिनिधि मौजूद रहे.
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