संभल
संभल में शाही जामा मस्जिद से सटे कब्रिस्तान की 4,780 वर्गमीटर भूमि पर पैमाइश के बाद बड़े एक्शन की तैयारी हो रही है। अवैध कब्जे के मामले में प्रशासन ने अगला कदम बढ़ा दिया है। सीमांकन के बाद चिन्हित किए गए 22 अवैध कब्जाधारकों का पूरा डाटा तैयार किया जा रहा है। प्रशासन एक-दो दिन के भीतर सभी को नोटिस जारी करेगा। इसके बाद अभिलेख प्रस्तुत करने और जवाब देने के लिए समय दिया जाएगा। निर्धारित अवधि में संतोषजनक साक्ष्य न मिलने पर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उप जिलाधिकारी सदर रामानुज सिंह ने बताया कि मंगलवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कब्रिस्तान की नॉन जेड-ए श्रेणी की भूमि की पैमाइश कराई गई थी। राजस्व अभिलेखों से मिलान के बाद यह स्पष्ट हुआ कि 22 लोगों ने कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध रूप से मकान और दुकानें बना रखी हैं। इनमें कुछ निर्माण हाल के वर्षों के हैं, जबकि कुछ कब्जे काफी पुराने बताए जा रहे हैं। एसडीएम ने कहा कि प्रशासन किसी भी प्रकार की जल्दबाजी नहीं करेगा और सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। नोटिस जारी होने के बाद संबंधित लोगों को यह बताना होगा कि उनके पास भूमि से संबंधित कौन-कौन से वैध दस्तावेज हैं। यदि कोई व्यक्ति अपने दावे के समर्थन में अभिलेख प्रस्तुत करता है, तो उनकी विधिवत जांच की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन कब्जाधारकों के पास वैध दस्तावेज नहीं पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-67 के तहत मुकदमा दर्ज कराते हुए कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में रहकर और पारदर्शिता के साथ की जाएगी। एसडीएम रामानुज सिंह ने बताया कि प्रशासन द्वारा तैयार किए जा रहे डाटा में प्रत्येक कब्जाधारक का नाम, कब्जे का रकबा, निर्माण का स्वरूप और अनुमानित अवधि का विवरण शामिल किया जा रहा है, ताकि आगे की कार्रवाई में कोई भ्रम न रहे।
उन्होंने कहा कि सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना शासन की प्राथमिकता है। इस मामले में भी कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य किसी को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं है, बल्कि राजस्व अभिलेखों के अनुसार भूमि को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित करना है।
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