रोहिणी का हमला: ‘नीतीश बार-बार तोड़ते हैं संसदीय भाषाई मर्यादा’

राज्य

पटना

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पुत्री रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। रोहिणी आचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री को संसदीय भाषाई मर्यादा लांघने की आदत बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने दर्जनों बार सदन और सार्वजनिक मंचों से अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया है, विशेषकर महिलाओं के संदर्भ में।

 भाषाई मर्यादा और महिला सम्मान का मुद्दा
रोहिणी आचार्य ने अपने बयान में कहा कि जब तर्क और तथ्य कमजोर पड़ जाते हैं, तब व्यक्ति भाषा की सीमाएं लांघकर अपनी खीज और वैचारिक खोखलेपन को उजागर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के पिछले कुछ वर्षों के बयानों और वक्तव्यों को देखने से यह स्पष्ट होता है कि वे महिलाओं के प्रति मानसिक और वैचारिक कुंठा से ग्रस्त हैं। रोहिणी के अनुसार, महिला सम्मान को लेकर कही जाने वाली बातें केवल राजनीतिक और चुनावी दिखावा हैं।

विधानसभा में तेजस्वी यादव को लेकर विवाद
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान तीन दिन पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच में बोलने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें बच्चा हो, चुप रहो जैसी बातें कहकर टोका था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने तेजस्वी यादव के पिता लालू प्रसाद यादव का भी जिक्र किया था। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया।
 
विधान परिषद में राबड़ी देवी से टकराव
सोमवार को विधान परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सामना पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से हुआ। राबड़ी देवी द्वारा शोर मचाने पर मुख्यमंत्री इस कदर नाराज हो गए कि उन्होंने हंगामा करने वालों पर कार्रवाई की बात कह दी। इसके बाद राजद के विधान पार्षदों ने सदन में और अधिक हंगामा शुरू कर दिया, जिससे कार्यवाही प्रभावित हुई।
 
विधानसभा और विधान परिषद में हुई इन घटनाओं के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर संसदीय मर्यादा और व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं।

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