मदुरै (तमिलनाडु)
पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने गुरुवार को यहां कहा कि ऐसे युग में जहां खिलाड़ी कंप्यूटर से मिलने वाली सहायता से अभिभूत हैं तब खेल की गहरी समझ आधुनिक शतरंज में एकमात्र असली निर्णायक कारक बन गई है।
आनंद ने तीन दिवसीय शतरंज कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में कहा, ‘‘दिलचस्प बात यह है कि आपको जितना अधिक ज्ञान उपलब्ध कराया जाता है, उतना ही कम आप जान पाते हैं। यदि हर दिन आपको 20-30 नए निष्कर्ष मिलते हैं तो आप उन्हें कैसे समझ पाएंगे। मेरा मानना है कि आज के शतरंज खिलाड़ियों को अलग करने वाली एकमात्र चीज गहरी समझ है।’’
कई साल पहले जब आनंद ने कंप्यूटर का उपयोग करना सीखा था, तब का उदाहरण देते हुए इस ग्रैंडमास्टर ने कहा कि नए विचारों के प्रति खुला रहना मददगार होता है, लेकिन बारीकियों को समझना एक खिलाड़ी को नए स्तर पर ले जाता है।
आनंद ने इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि शतरंज में महारत हासिल करना रटने के बजाय पैटर्न को पहचानने पर आधारित है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा दिमाग हमारी क्षमता से कहीं अधिक पैटर्न बनाता है। किसी का खेल देखने के हफ्तों बाद अक्सर खिलाड़ियों के दिमाग में नए विचार आ जाते हैं। उन्हें इसका अहसास नहीं होता है कि वे कहीं और से कुछ नकल कर रहे हैं।’’
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