जीते जी विरासत बांटकर चर्चा में नवजोत सिंह सिद्धू, जानिए बेटे-बेटी को क्या मिला

नई दिल्ली
पूर्व क्रिकेटर और पंजाब के सीनियर नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी संपत्ति का बंटवारा कर दिया है। उन्होंने अपने जीते जी ही बेटे और बेटी के नाम पर संपत्ति बांट दी है। उन्होंने फेसबुक पर इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी है। सिद्धू का कहना है कि उन्होंने अपने पटियाला स्थित पैतृक घर को बेटे करन सिद्धू के नाम किया है। वहीं अमृतसर के अपने खुद के बनाए घर को बेटी राबिया को सौंप रहे हैं। इस तरह उन्होंने विरासत को समय रहते ही बांटने का फैसला कर लिया। उनके इस निर्णय की काफी चर्चा हो रही है और संपत्ति में बेटी को भी बड़ा हिस्सा दिए जाने की तारीफ की जा रही है।
नवजोत सिंह सिद्धू का पटियाला की यादविंद्र कॉलोनी में बाराबरी गार्डन के पास पैतृक आवास है। वहीं अमृतसर के शानदार घर को उन्होंने अपनी कमाई से तैयार किया था। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि मैंने अपनी पत्नी नवजोत से लंबी चर्चा के बाद इस संबंध में फैसला लिया कि संपत्ति को बांट दिया जाए। उन्होंने अपने इस फैसले की जानकारी देते हुए परिवार के साथ कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं। उन्होंने कहा कि मैं ईश्वर में यकीन करता हूं। अमृतसर की जना ने मुझे हमेशा सम्मान दिया है और हम उनके साथ हर वक्त खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मैंने जो मेहनत से कमाया था, उसे बच्चों के बीच बांट रहा हूं। मैंने राजनीति से कुछ भी नहीं कमाया।
उन्होंने फेसबुक पर अपनी डिटेल पोस्ट में लिखा, 'मैंने माता पार्वती के आशीर्वाद से यह घर बनवाया था, जो मैंने अमृतसर को दिए अपने वचन का सम्मान करने के लिए किया। मेरे बारे में यहां कुछ लोगों ने कहा था कि मैं यहां प्रवासी पक्षी की तरह आया हूं और चला जाऊंगा। लेकिन मैंने लोगों को भरोसा दिया था कि मैं आपका बनकर यहीं रहूंगा। सांसद के रूप में मैंने यहीं से दो कार्यकाल पूरे किए थे। इसके बाद भी मैं यहीं बना हुआ हूं। अब भी मेरा वादा जारी है।' उन्होंने लिखा कि मैंने बिग बॉस से लेकर स्टार टीवी के साथ हिंदी कमेंट्री और फिर कपिल शर्मा शो तक कमाई की।
इस मकान को हमने 2014 में तैयार किया था। राजनीति से एक भी पैसा नहीं कमाया। सारी कमाई मेरी मेहनत की है। इसके आगे वह लिखते हैं, 'करण को मेरे पिता द्वारा बनाया गया पैतृक घर विरासत में मिलेगा और अमृतसर वाला घर राबिया को मिलेगा!' गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू को बीते कुछ सालों में लगातार कई झटके झेलने पड़े थे। एक तरफ गैर-इरादतन हत्या वाले मामले में वह जेल चले गए थे। फिर वह बाहर निकले तो उनकी पत्नी को कैंसर हो गया था। इस बीच उन्होंने बेटे करन की शादी कर दी थी और फिर पत्नी भी कैंसर से उबर गईं। इस तरह एक चुनौतीपूर्ण दौर झेलने के बाद सिद्धू फैमिली में खुशियों का दौर लौटा।



