लैंड फॉर जॉब मामले में बढ़ीं लालू यादव की मुश्किलें, दिल्ली हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

पटना
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका लगा है। रेलवे में लैंड फॉर जॉब घोटाला से जुड़े सीबीआई केस को रद्द करने की मांग वाली याचिका को अदालत ने मंगलवार को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि लालू की याचिका में कोई दम नहीं है, इसलिए इस पर सुनवाई नहीं की जाएगी।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार लालू प्रसाद यादव की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में लैंड फॉर जॉब केस में केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की ओर से दर्ज एफआईआर और तीनों चार्जशीट रद्द करने की मांग की थी। इसके साथ ही ट्रायल कोर्ट द्वारा इन आरोप-पत्रों पर संज्ञान लिए जाने के आदेशों को भी रद्द करने का आग्रह किया गया।
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस रविंद्र दुडेजा ने याचिका में की गई मांगों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि याचिका में कोई दम नहीं है, इसलिए इसे खारिज किया जाता है।
ट्रायल कोर्ट से भी लगा था झटका
इससे पहले लालू परिवार को ट्रायल कोर्ट से झटका लगा था। पिछले दिनों दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब केस में लालू और उनकी पत्नी राबड़ी देवी की याचिका खारिज कर दी थी। इसमें आरोपियों की ओर से अदालत से 1600 से अधिक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था।
ट्रायल कोर्ट ने पिछले सप्ताह याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि आरोपी पक्ष की ओर से ट्रायल में देरी का बहाना बनाया जा रहा है। इन दस्तावेजों को एकमुश्त उपलब्ध कराने से पूरा केस अव्यवस्थित हो जाएगा।
क्या है लैंड फॉर जॉब घोटाला
यह मामला साल 2004 से 2009 के बीच का है, जब यूपीए सरकार के दौरान जब लालू यादव रेल मंत्री थे। आरोप हैं कि उस समय रेलवे में नियमों को ताक पर रखकर ग्रुप डी के पदों पर कई लोगों को नौकरी दी गई थी। इसके बदले में लालू परिवार और उनके करीबियों के नाम पर जमीनें लिखवाई गई थीं।
सीबीआई इस केस की जांच कर रही है। केंद्रीय एजेंसी ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे-बेटी समेत परिवार के कई सदस्यों समेत अन्य को आरोपियों बनाया और उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इस केस के मनी लॉन्ड्रिंग वाले पहलू की अलग से जांच कर रहा है, जिसमें भी लालू परिवार को आरोपी बनाया गया है।



