सांसद अमृतपाल सिंह 2 दिन के पुलिस रिमांड पर, डिब्रूगढ़ जेल में बंद, अजनाला केस में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी

राज्य

अमृतसर
खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को अजनाला थाने पर हुए हमले के मामले में अदालत में आज पेशी होगी। क्योंकि अमृत पाल अभी तक का डिब्रूगढ़ जेल में है इस कारण ये पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जानी है, जिसके लिए प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। 

इस मामले से जुड़ी कार्रवाई के तहत पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम असम स्थित डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंची हुई है, जहां अमृतपाल सिंह को रखा गया था। एनएसए के तहत उनकी नजरबंदी समाप्त होने के बाद अब पुलिस उन्हें इस केस में आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए वापस अमृतसर लेकर आ रही है। 

अजनाला थाने पर हुए हमले के इस मामले में पहले ही कई सह-आरोपियों को अदालत में पेश किया जा चुका है। अब अमृतपाल सिंह की पेशी के बाद पुलिस अदालत से रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि उससे  पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके।

41 लोगों पर दर्ज है मामला
इस केस में अमृतपाल सिंह समेत कुल 41 लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। इनमें सरकारी कर्मचारियों पर हमला, आपराधिक साजिश, दंगा और हत्या के प्रयास जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में अमृतपाल सिंह को मुख्य आरोपी के रूप में देखा जा रहा है।

पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मामले की गंभीरता को देखते हुए सतर्क हैं। अधिकारियों का कहना है कि अमृतपाल सिंह से पूछताछ के बाद जांच को और आगे बढ़ाया जाएगा और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

2023 में हुआ था अजनाला कांड
अजनाला कांड फरवरी 2023 में सामने आया था, जब अमृतपाल और उसके समर्थकों ने कथित तौर पर हथियारों के साथ पुलिस बैरिकेड तोड़ते हुए थाने में घुसकर अपने एक साथी को छुड़ाने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस के साथ झड़प भी हुई थी। इसी मामले में अमृतपाल को मुख्य आरोपित बनाया गया है।

उस पर हत्या के प्रयास (धारा 307), सरकारी कर्मचारी पर हमला (धारा 353), आपराधिक साजिश (धारा 120बी), दंगा (धारा 148) और गैरकानूनी जमावड़ा (धारा 149) समेत आर्म्स एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार को एनएसए अवधि खत्म होने के बाद दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति दी है। इसके साथ ही अदालत ने सुरक्षा कारणों को देखते हुए ट्रायल की कार्यवाही को वर्चुअल मोड में चलाने की इजाजत भी दी है।

 

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