दिल्ली-एनसीआर वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर केंद्र सख्त, राजस्थान ने गिनाए बड़े कदम

राज्य

जयपुर
 केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए गठित समिति की समीक्षा बैठक गुरुवार को कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुई। बैठक में राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं पंजाब के मुख्य सचिव अपने-अपने राज्यों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। राजस्थान की ओर से मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्थान सचिवालय स्थित एनआईसी कक्ष से बैठक में भाग लिया। बैठक में केन्द्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), नीति आयोग, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

 डॉ. सोमनाथन ने राज्यों को वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने तथा सभी संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क धूल नियंत्रण, पुराने एवं प्रदूषणकारी वाहनों के चरणबद्ध प्रतिस्थापन, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सी एंड डी वेस्ट) के वैज्ञानिक प्रबंधन, निर्माण स्थलों की प्रभावी निगरानी, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण, वायु गुणवत्ता की नियमित निगरानी, पराली एवं बायोमास जलाने पर रोक तथा पौधारोपण जैसे उपायों को प्राथमिकता के साथ लागू करने पर जोर दिया।

 बैठक में राज्यों द्वारा प्रस्तुत कार्ययोजना तथा अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए कैबिनेट सचिव ने विभिन्न उपायों के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्थान की ओर से राज्य में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ‘परिवर्तन’ कार्यक्रम के तहत एनसीआर क्षेत्र में 5,268 पुराने एवं प्रदूषणकारी वाहनों के चरणबद्ध प्रतिस्थापन की दिशा में कार्य कर रही है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का लगातार विस्तार किया जा रहा है, जिससे स्वच्छ एवं टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क धूल नियंत्रण के लिए यांत्रिक सड़क सफाई (मैकेनाइज्ड स्वीपिंग) सहित अन्य प्रभावी उपायों को प्राथमिकता के साथ लागू किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य में निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सी एंड डी वेस्ट) के वैज्ञानिक प्रबंधन, निर्माण स्थलों की प्रभावी निगरानी, वायु गुणवत्ता की नियमित निगरानी, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण तथा पराली एवं बायोमास जलाने की रोकथाम के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में संचालित ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर पौधारोपण किया जा रहा है। साथ ही राज्य सरकार कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) तथा केंद्र सरकार के साथ नियमित समन्वय बनाए रखते हुए निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप आवश्यक कदम उठा रही है। मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

 

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