बिलासपुर
छात्रा शांभवी शर्मा ने शूटिंग-पिस्टल में शानदार प्रदर्शन करते हुए बिलासपुर का नाम रोशन किया है। अंडर-19 आयु वर्ग में ओवरआल श्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर स्वर्ण पदक हासिल किया। 67 स्कूलों के करीब 1800 खिलाड़ियों की भागीदारी वाली इस स्पर्धा में 11 राज्यों के खिलाड़ियों के बीच मिली यह सफलता शहर के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
निशानेबाजी में सफलता के लिए केवल तकनीक ही नहीं, धैर्य, स्थिरता और मानसिक एकाग्रता भी जरूरी होती है। शांभवी शर्मा ने इन्हीं गुणों के सहारे पिस्टल शूटिंग में अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रतियोगिता दार्जिलिंग क्षेत्र के कालिम्पोंग स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में आयोजित हुई।
प्रतियोगिता के आधिकारिक दस्तावेज में इसे सीबीएसई फार ईस्ट जोन शूटिंग प्रतियोगिता 2026-27 के रूप में दर्ज किया गया है। इसमें अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए एयर राइफल और एयर पिस्टल की स्पर्धाएं रखी गई थीं। शांभवी द न्यू इंडिया स्कूल में कक्षा 12वीं की छात्रा है।
खिलाड़ी ही नहीं, हर बच्चे के लिए जरूरी योग
योग गुरु डा. मोनिका पाठक का मानना है कि योग, प्राणायाम, मेडिटेशन और त्राटक केवल खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, हर बच्चे के विकास में उपयोगी हैं। शूटर, रनर, क्रिकेटर, बाक्सर और कबड्डी खिलाड़ी सभी के लिए मानसिक संतुलन और एकाग्रता उतनी ही जरूरी है, जितनी शारीरिक क्षमता। नियमित योग अभ्यास से बच्चा पढ़ाई में भी बेहतर ध्यान लगा सकता है।
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