कंवरापुरा विवाद पर गरमाया माहौल, CJP की चेतावनी के बीच राजस्थान पुलिस अलर्ट

राज्य

जयपुर
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा राजस्थान सरकार को दिया गया 48 घंटे का अल्टीमेटम समाप्त हो गया है, जिसके तुरंत बाद जयपुर के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इस बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लॉ एंड ऑर्डर पर उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर पुलिस व गृह विभाग के शीर्ष अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। इस समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए. सावंत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश के गृह मंत्री का प्रभार भी संभाल रहे सीएम भजनलाल शर्मा ने राज्य में किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था बनाए रखने का कड़ा संदेश दिया है।

गौरतलब है कि बगरू के कंवरापुरा प्राथमिक विद्यालय में सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हुए हमले और गाड़ियों में तोड़फोड़ के मामले को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजक आशुतोष रांका द्वारा हमलावरों की गिरफ्तारी न होने पर जयपुर में दिल्ली के 'जंतर-मंतर' जैसी बेमियादी हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई थी, जिसकी समयसीमा पूरी होते ही पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।

राजस्थान को अराजक राज्य नहीं बनने देंगे : आशुतोष रांका
अल्टीमेटम का समय समाप्त होते ही CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर घटना का अनएडिटेड वीडियो दोबारा शेयर करते हुए राजस्थान पुलिस और मुख्यमंत्री को टैग किया। रांका ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला, और कहा "CJP सदस्यों पर हुई हिंसा को लगभग 48 घंटे हो चुके हैं। मैं तोड़फोड़ और हिंसा में शामिल लोगों के स्पष्ट दृश्यों को दिखाने वाले वीडियो का अनएडिटेड संस्करण फिर से शेयर कर रहा हूं। पुलिस ने अभी तक इन उपद्रवियों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया है? यदि आपके पास हिंसा में शामिल CJP के किसी भी सदस्य (मेरे सहित) का प्रमाण है, तो हमें भी गिरफ्तार करें। निश्चित रूप से, उस सबूत को सार्वजनिक रूप से साझा करने के लिए तैयार रहें। हम राजस्थान को एक अराजक राज्य नहीं बनने देंगे।

'बंद कमरे' की बैठक, सीएम भजनलाल के निर्देश
जयपुर में कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उच्च अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में शांति भंग करने या कानून अपने हाथ में लेने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाए। किसी भी राजनीतिक संगठन या समूह द्वारा सरकारी व्यवस्था में बाधा डालने या माहौल बिगाड़ने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक़ जयपुर और आसपास के इलाकों में संभावित बेमियादी धरने और विरोध प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए खुफिया तंत्र (Intelligence) को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। कंवरापुरा मामले में दर्ज दोनों पक्षों की क्रॉस एफआईआर (Cross FIR) पर निष्पक्ष और त्वरित जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

आंदोलन और कानून व्यवस्था के बीच फंसा मामला
एक तरफ जहां सीजेपी के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत कंवरापुरा स्कूल के लिए 18 लाख रुपये का बजट मंजूर किया जा चुका है, वहीं दूसरी तरफ सीजेपी नेता हमलावरों और गाड़ियों के कांच तोड़ने वालों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। जयपुर पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। अब देखना यह होगा कि अल्टीमेटम की समयसीमा खत्म होने के बाद सीजेपी की आगामी रणनीति क्या रहती है और पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कानूनी कदम उठाता है।

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