1509 धान के बढ़े दाम, ₹4460 प्रति क्विंटल तक बिका धान; किसानों का पिछला घाटा हुआ पूरा

राज्य

 कैथल
 अनाज मंडियों में धान की आवक तेज हो गई है। इस बार 1509 किस्म धान किसानों के लिए सबसे फायदेमंद साबित हो रही है। इस किस्म ने भाव में पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं। कैथल सहित प्रदेश की मंडियों में 1509 धान का भाव 3800 से लेकर 4400 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहा है।

प्रति एकड़ झाड़ृ भी अच्छा निकल रहा है। निर्यातकों का कहना है घरेलू मार्केट और विदेशों में चावल की डिमांड अच्छी होने के कारण किसानों को धान का रेट अच्छा मिल रहा है।

फिलहाल ईरान में सबसे ज्यादा डिमांड है। इरान में सभी किस्मों की 12 लाख एमटी की मार्केट है, भारत से सबसे ज्यादा चावल का निर्यात ईरान में होता है। इस बार विदेश और घरेलू मार्केट में 1509 के स्टीम चावल का रेट 8600 से 9000 रुपये प्रति क्विंटल और सेला चावल का 8400 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। वर्ष 2015 में किस्म 1509 का उत्पादन प्रदेश में बहुत ज्यादा हुआ था, इसके चावल की डिमांड भी कम थी।

इस किस्म को कोई खरीदार नहीं था। प्रदेश की मंडियों में धान खरीद को लेकर किसान यूनियन और किसानों ने धरने प्रदर्शन किए थे, इसके बाद प्रदेश सरकार ने 1509 को 1800 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से एमएसपी पर खरीद की थी, इसके बाद 2020 में फैसला लिया था कि 1509 का रेट पीआर से कम होगा तो इसे एमएसपी पर खरीदा जाएगा।

पीआर धान का एमएसपी 2461 प्रति क्विंटल का रेट
निर्धारित पुरानी अनाज मंडी के प्रधान श्याम बहादुर खुरानिया ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए मंडी में आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। बासमती किस्म 1509 की खरीद मुख्य रूप से प्राइवेट एजेंसियों द्वारा की जा रही है और किसानों को बाजार के अनुसार अच्छे दाम मिल रहे हैं। मंडी में पीआर धान की खरीद भी शुरू हो गई है, इसकी खरीद एजेंसियां कर रही है, पीआर धान का एमएसपी 2461 रेट निर्धारित किया गया है।

इस बार पूरा होगा पिछला घाटा: सतनारायण
रोहेड़ियां गांव के किसान सतनारायण ने बताया कि उसने दस एकड़ में 1509 किस्म लगाई थी। उसकी धान का रेट 3900 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल मिला। पिछले साल उसने 30 एकड़ में धान लगाया था, रेट 2700 से 2800 रुपये प्रति क्विंटल मिला था, कोई खास मुनाफा नहीं हुआ था, पिछले साल जो घाटा हुआ था, इस बार सब पूरा हो गया। इस बार एक एकड़ से करीब एक लाख रुपये से ज्यादा की कमाई हुई।

प्रति एकड़ एक लाख रुपये का बिका धान
मंडी में बासमती 1509 लेकर पहुंचे काकौत के किसान गांव के किसान मदन ने बताया कि उसने करीब तीन एकड़ में यह फसल लगाई थी। इस सीजन में क्षेत्र में बारिश औसतन कम हुई, लेकिन इसके बावजूद खेतों में उत्पादन अच्छा हो रहा है।

धान सूखा और साफ होने के कारण उसका धान 4460 रुपये प्रति क्विंटल बिका। झाड़ औसतन 58 मण का निकला। प्रति एकड़ एक लाख रुपये के करीब उसका धान बिका, यानि तीन एकड़ में तीन लाख रुपये से ज्यादा का धान निकला है, इस किस्म ने इस बार वारे न्यारे कर दिए।

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