चंडीगढ़.
पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कर्मचारियों के लिए आज का दिन बेहद अहम रहने वाला है। लंबे समय से स्थायी करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारियों की परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ आज दोपहर यानि सोमवार अहम बैठक होने जा रही है।
बैठक में परिवहन विभाग के सचिव समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। ऐसे में कर्मचारियों को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित मांगों पर आज कोई ठोस फैसला हो सकता है। कर्मचारी नेताओं के अनुसार बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा 1300 से अधिक कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करना होगा। इसके अलावा पंजाब रोडवेज के नए अधिनियम को लागू करने, डिपो में नई बसें शामिल करने और कर्मचारियों के खिलाफ आंदोलन के दौरान दर्ज पुलिस मामले वापस लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी जाएगी।
पहले भी हुई हैं बेनतीजा बैठकें
रोडवेज कर्मचारी नेताओं का कहना है कि इन मांगों को लेकर सरकार के साथ पहले भी कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकला। पिछली बैठक भी स्थगित कर दी गई थी और इसे 30 सितंबर को कराने की बात कही गई थी। पिछले दो-तीन महीनों से कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। चक्का जाम तक हो चुका है। कर्मचारियों ने सरकार को पहले ही चेतावनी दी है कि यदि बैठक में उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन फिर तेज किया जाएगा।
चुनाव से पहले कर्मचारियों का सरकार पर दबाव
चुनाव से पहले कर्मचारी अपनी वर्षों पुरानी मांगों को पूरा कराने के लिए सरकार पर दबाव बढ़ा रहे हैं। रोडवेज कर्मचारी यूनियन नेता शमशेर सिंह और रेशम सिंह का कहना है कि रोडवेज कर्मचारियों की मांगे लंबे समय से लंबित है लेकिन सरकार की ओर से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। सरकार को कई बार इस मामले में अल्टीमेटम दिया जा चुका है, लेकिन अब सरकार को अंतिम चेतावनी दी गई है कि अगर कर्मचारियों की मांगों पर कोई फैसला नहीं किया तो पूरे प्रदेश में बसों का चक्काजाम होगा।
10 सालों से भी ज्यादा पुराना है संघर्ष
10 सालों से भी अधिक समय से कच्चे कर्मचारी रेगुलर करने की मांग कर रहे हैं जो की कोर्ट का भी फैसला है। रोडवेज विभाग में नई बसों को लेकर भी पिछले 5 साल से कोई काम नहीं हुआ है। रोडवेज में आउटसोर्स सिस्टम को बिल्कुल बंद किया जाना चाहिए और पहले से काम करें सभी आउटसोर्स कर्मचारी और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को विभाग रेगुलर करें यही सभी कर्मचारियों की मांग है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
