उमा भारती का प्रशासन से आह्वान: टीमकगढ़ में बंगले के सामने हाथठेला लगाकर गरीबों का समर्थन किया

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 टीमकगढ़ 
 प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती मंगलवार को सड़क किनारे लगे एक ठेले पर पोहा बेचती नजर आई हैं। हालांकि, वो ऐसा प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के विरोध में रही हैं। लेकिन, कुछ ही देर में उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा है।

आपको बता दें कि, पूर्व सीएम उमा भारती मंगलवार को टीकमगढ़ शहर के सिविल लाइन इलाके में सड़क किनारे लगे ठेले पर पोहा बेच रही हैं। उन्होंने प्रशासन द्वारा एक दिन पहले की गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को गलत ठहराया था। आज वो उन्हीं हटाए गए ठेलो को फिर से लगाकर उनमें से एक ठेले पर पोहा बेचने पहुंची हैं।

टीकमगढ़ में मंगलवार (7 अप्रैल) सुबह पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सड़क किनारे हाथठेला लगाकर पोहा-जलेबी बेची। उन्होंने एक दिन पहले हटाए गए छोटे दुकानदारों को वापस ठेले लगाने के लिए बुलाया। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि गरीबों की रोजी-रोटी नहीं छीनी जनि चाहिए। 

दरअसल, सोमवार को नगर पालिका, एसडीएम और तहसीलदार की टीम ने सिविल लाइन रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। इस दौरान जेसीबी से कई छोटी दुकानें और हाथठेले हटा दिए गए थे।

उमा भारती ने इस कार्रवाई का विरोध किया था और छोटे दुकानदारों को हटाने को गलत बताया था। इसी को लेकर मंगलवार सुबह वे सिविल लाइन रोड स्थित बंगले से निकलकर हाथठेले पर पहुंचीं। यहां खुद पोहा-जलेबी बेचकर दुकानदारों का समर्थन किया। उन्होंने हाथठेला वालों से दोबारा सड़क किनारे ठेले लगाने को कहा।

उमा बोलीं- प्रशासन पहले दुकानों के लिए जगह दे, बाद में हटाए
उमा भारती ने कहा कि पार्षदों ने पहले स्थान चिह्नित करने को कहा था। तीन-चार स्थान भी बताए थे। प्रशासन पहले दुकानों के लिए जगह दे, बाद में हटाए। उन्होंने हटाए गए दुकानदारों से अपील की कि वे वापस आएं और यहीं दुकानें लगाएं, मैं उनके साथ हूं। उनके ठेलों को यहां से नहीं हटने दिया जाएगा।

प्रशासन से बात करूंगी, सभी के ठेले वापस यहां लगाए जाएंगे
उमा भारती से पूछा गया कि क्या उन्होंने प्रशासन से बात की है। उन्होंने कहा कि मुझे अभी इसका पता चला है। मैं अभी प्रशासन से बात करूंगी। सभी के ठेले वापस यहां लगाए जाएंगे।

उमा भारती ने उठाए थे कार्रवाई पर सवाल
प्रशासन ने सोमवार की दोपहर सिविल लाइन से अतिक्रमण हटाया तो देर शाम पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने उस पर सवाल उठते हुए इसे गरीबों के खिलाफ की गई अनुचित कार्रवाई बताया था। उनका कहना था कि, प्रशासन सबसे पहले पैसे वालों का अतिक्रमण हटाएं। ठेले वाले सबसे बाद में आते है। सोमवार की रात 8.45 बजे पूर्व मुख्यमंत्री ईदगाह के सामने पहुंची। यहां पर उन्होंने प्रशासन द्वारा हटाए गए अतिक्रमण की जानकारी ली थी।

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